Wednesday, 27 April 2011

WAFA KE DAMAN ME DAAG

RAAT KO HI CHAND KA DIDAAR KYUN HOTA HAI.

KISI BEWFA SE HI HUMKO PYAAR KYUN HOTA HAI.

KOI KASAM DE DETA HAI APNE BHUL JANE KI,

PAR BHULNE KE BAAD BHI DIL BEKRAAR KYUN HOTA HAI.

WAFA HUM NIBHATE HAIN, BEWFAI WO KARTE HAIN.

PHIR HMARE DAMAN ME DAAG OR UNKA DAMAN BEDAG KYUN HOTA HAI.

6 comments:

संजय भास्कर said...

हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं संजय भास्कर हार्दिक स्वागत करता हूँ.

संजय भास्कर said...

हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

OM KASHYAP said...

कमाल है भाई दिल को खोल कर रख दिया आपने ....

OM KASHYAP said...

बहुत खूबसूरत रचना ............शुभकामनाएं....

OM KASHYAP said...

बहुत ही खूबसूरत शब्‍दों का संगम है इस रचना में ।

PK Sharma said...

kisne ki hai bewafi aapse janab