Saturday, 21 May 2011

Humse puchiye

Sisakti hui jindgi ka maja humse puchiye. Pyaar me jo mili saja humse puchiye. Kyun ho aap udaas gum ki talaas me. Gum ki har gali ka pta humse puchiye.

10 comments:

Anonymous said...

kya baat hai sajan G
kabhi apni tanhai ka aalm humse bhi share kijiye...
aakhir koun thi wo.......

Anonymous said...

9058728629 its my no sajan G

: केवल राम : said...

आपकी रचनात्मकता बहुत सशक्त है ..कृपया आप हिंदी में लिखा करें .....आनंद आएगा ...आशा है आप इस सुझाब को अन्यथा नहीं लेंगे ...आपका आभार

: केवल राम : said...

सारे दर्द को उत्तर दिया शब्दों के माध्यम से आपने ...आपका आभार

Amrita Tanmay said...

सुन्दर पोस्ट ..शुभकामनायें ..हिंदी में लिखे तो प्रभावी होगा .. .

वीना said...

बहुत अच्छा लिखा है हिंदी में लिखिए न....

नश्तरे एहसास ......... said...

बहुत खूब लिखा है आपने .............
पर हम तो आपसे कहेंगे की,ज़रा खुशियों का पता आप भी किसी से पूछिए जनाब ! !

Babli said...

टिप्पणी देकर प्रोत्साहित करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया!
बहुत सुन्दर लिखा है आपने जो काबिले तारीफ़ है! बधाई!

विशाल said...

बहुत खूब लिखते हो भाई.
गम की हर गली का पता जानते हैं तो हमारी गली भी आईये.

और हिंदी में लिखिए.
google transliteration में चले जाईये.

ZEAL said...

best wishes for your exams.