Sunday, 6 November 2011

याराना

koi kahta hai awara koi kahe diwana hame,
na jane kon kahega kisi shama ka parwana hame.
dosto ne us gali ke chakkar par chakkar lagwa diye,
le ke dubega ek din ye yarana hame.


कोई कहता है आवारा कोई कहे दीवाना हमें ,
न जाने कोण कहेगा किसी शमा का परवाना हमें .
दोस्तों ने उस गली के चक्कर पर चक्कर लगवा दिए ,
ले के डूबेगा एक दिन ये याराना हमें

19 comments:

देवेन्द्र पाण्डेय said...

कितने परवाने जले राज ये पाने के लिए
शम्मा जलने के लिए है या जलाने के लिए

रोज कहता हूँ न जाउंगा घर उनके
रोज उस कूचे में इक काम निकल आता है।
...ये दोनो शेर मेरे लिखे नहीं हैं। आपके पढ़े तो याद आ गये।

डॉ. जेन्नी शबनम said...

वाह...बहुत खूब.

संध्या शर्मा said...

सुन्दर ...

Amrita Tanmay said...

याराना और भी बहुत कुछ कराता है..

anju(anu) choudhary said...

waha ...bahut khub

Babli said...

वाह! क्या बात है! बहुत खूब लिखा है आपने! शानदार प्रस्तुती!
मेरे नये पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://seawave-babli.blogspot.com/

हरकीरत ' हीर' said...

आप चक्कर लगते रहिये मंजिल जरुर मिलेगी ......:))

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

खूब कहा .... बहुत अच्छी पंक्तियाँ

Babli said...

मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.com/

Kailash C Sharma said...

बहुत खूब!

dheerendra said...

संजय जी,..मै जट यमला पगला दीवाना
इत्ती सी बात न जाना ...
बहुत सुंदर आवरगी ,..पसंद आई ...
मेरे नए पोस्ट में स्वागत है ....

JHAROKHA said...

bahut khoob nishant ji
bahut hi dil ko chune wali prastuti
bahut bahut badhai
poonam

इस्मत ज़ैदी said...

sundar !!

रश्मि प्रभा... said...

waah...

ZEAL said...

.

Dear Nishant ,

Glad to see that you have removed that filthy comment by him.

----

Nice poem...Keep it up !

.

कुमार राधारमण said...

इतने किस्से हैं ज़माने में
पर कहां सीखते हैं मजनूं कभी!

आशा said...

बहुत भावपूर्ण रचना बधाई |
आशा

dheerendra said...

क्या बात है बहुत दिनों ब्लॉग में
नही दिख रहे......

संजय भास्कर said...

क्या बात है बहुत सुन्दर