Monday, 21 November 2011

महबूब से आश

मेरे महबूब मेरी मोहबत का कुछ तो सिला दो ,
दो बातें प्यार की कर लो या जहर नफरत का पिला दो .
कोण हूँ में , तुम्हारा अपना या पराया ?
होंतो को न सीलो तुम कुछ तो बता दो .
मेरी वफाओं का कुछ अंजाम तो दो ,
या तो दिल में बसा लो या नजरों में गीरा दो.
लगता है अगर तुमको प्यार झुटा है मेरा ,
उबार न पाऊं कभी कुछ इसी सजा दो .
कुछ एहसान हमारे दिल को भी बख्सो ,
जो तुम्हारा दीवाना हो गया है .
तोड़ दो इसे खिलौना समझकर या अपने दिल से मिला दो .
जिन रास्तों पर चल रहा हूँ में मंजिल तुम्हे समझकर ,
सफ़र कम कर दो या रास्ता भुला दो .
एक अरसे से भूका प्यासा तुम्हे पाने की जीद पर हूँ ,
या तुम भी जिद्दी बन जाओ या अपना बना लो .
यूँ कब तक प्यार की नैया को अकेला चलाता रहूँगा ,
या तुम भी पतवार संभालो या मुझको डूबा दो ..




mere mahboob meri mohabat ka kuch to sila do,
do baaten pyaar ki kar lo ya jahar nafrat ka pila do.
kon hun mein, tumhara apna ya praya?
honto ko na seelo tum kuch to bata do.
meri wafaon ka kuch anjaam to do,
ya to dil me basa lo ya najron me geera do.
lagta hai agar tumko pyaar jhuta hai mera,
ubar na paun kabhi kuch esi saja do.
kuch ehsaan hamare dil o bhi bakhso,
jo tumhara diwana ho gaya hai.
tod do ise khilona samajhkar ya apne dil se mila do.
jin raston par chal raha hun me manjil tumhe samajhkar,
safar kam kar do ya rasta bhula do.
ek arse se bhuka pyasa tumhe pane ki jiid par hun,
ya tum bhi jiddi ban jao ya apna bana lo.
un kan tak pyaar ki neya ko akela chalata rahunga,
ya tum bhi bhi patwaar sambhalo ya mujhko dooba do..

15 comments:

"जाटदेवता" संदीप पवाँर said...

ये जाट कब से कवि बनने लगे जरा बता देना।

शब्द दिल को छू गये।

Deepak Saini said...

सुन्दर रचना

sushma 'आहुति' said...

behtreen rachna.....

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

मन प्रेममयी भाव.... सुंदर

संजय भास्कर said...

कोमल भावनाओं में रची-बसी खूबसूरत रचना ....

संध्या शर्मा said...

सुन्दर भाव...

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " said...

यूँ कब तक प्यार की नैया को अकेला चलाता रहूँगा ,
या तुम भी पतवार संभालो या मुझको डूबा दो ..

bahut sundar.

सागर said...

khubsurat bhaav.....

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति

डॉ. जेन्नी शबनम said...

bahut sundar...

ASHOK BIRLA said...

एक अरसे से भूका प्यासा तुम्हे पाने की जीद पर हूँ
itani sunadar rachan ke liye dhanyawad dene ke baad mai chauga ki aap kuch kha bhi le .....wo mil hi jayege ...

bahut sundar ....!!!!

somali said...

sundar rachna sir

Naveen Mani Tripathi said...

gahri samvedana ke mahboob ki yad ......behatareen rachana ...badhai

कविता रावत said...

बहुत सुन्दर रचना..

VenuS "ज़ोया" said...

कोण हूँ में , ...ha ha ...ye shabd,.,praa magr,..kaano tak pahunchaa....pure jaat tone...kuch jaat dost hain..yaa the ..university ke time me...unke ...is jaat slang ko bahut yaad krti hun..........


hmm

rchnaaa....bahut pyaari si he...
bnaawat ke bina....achi rchna he